शिमला, 12 अगस्त। Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 30 जून से 9 अगस्त के बीच राज्य में 157 लोगों की मौत हुई, जबकि 257 लोग घायल हुए हैं। प्राकृतिक आपदा से करीब 900 संपत्तियों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचा है। राज्य में अब तक करीब 886 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
सबसे ज्यादा मौतें चंबा जिले में हुई हैं, जहां 24 लोगों की जान गई। इसके बाद कुल्लू और कांगड़ा में 21-21, शिमला में 20 और स्पीति व लाहौल में 18-18 मौतें दर्ज की गई हैं। मृतकों में 89 लोग सड़क हादसों में मारे गए, जबकि 68 लोगों की मौत भूस्खलन, डूबने, सांप के काटने और गिरने जैसी घटनाओं में हुई।
259 सड़कें बंद, बिजली-पानी भी प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 259 सड़कें बंद हैं। मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 120 सड़कें बंद हुई हैं। चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें प्रभावित हैं।
बारिश का असर बिजली और पानी की सप्लाई पर भी पड़ा है। मंडी में 63 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर रीजन प्रभावित हुए हैं। वहीं शिमला में पानी की आपूर्ति से जुड़ी 12, हमीरपुर में 5 और बिलासपुर में 2 घटनाएं सामने आई हैं।
पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

