रायपुर, 27 अगस्त। IGKV Paper Leak: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक के मामलों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और परीक्षा निरस्त कर दी है। बीएससी कृषि प्रथम वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ (APB 5121) परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा 19 अगस्त 2026 को आयोजित हुई थी। विश्वविद्यालय के सर्कुलर में परीक्षा निरस्त करने के पीछे प्रशासनिक कारण बताया गया है। अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा से पहले वायरल हुआ था प्रश्नपत्र
जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त को सुबह 10 बजे परीक्षा होनी थी। इससे करीब पांच घंटे पहले ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ के प्रश्नपत्र की PDF छात्रों के बीच वायरल होने की बात सामने आई थी। छात्रों के बीच चर्चा थी कि वायरल PDF में दिए गए कुछ सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलते-जुलते थे।
वायरल PDF में प्रश्नपत्र के तीनों हिस्सों के सवाल होने का दावा किया गया था। साथ ही 6 नंबर वाले लॉन्ग आंसर प्रश्नों के उत्तर भी PDF में मौजूद होने की बात सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए तेलीबांधा पुलिस को पत्र लिखा था।
अब तक तीन परीक्षाएं निरस्त
पेपर लीक से जुड़े मामलों के बीच IGKV में अब तक तीन परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं। इससे पहले 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी और 20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा निरस्त की गई थी।
अब 19 अगस्त की ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ परीक्षा भी निरस्त होने से विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है।
सितंबर में दोबारा होंगी परीक्षाएं
विश्वविद्यालय के अनुसार, रद्द की गई परीक्षाओं को सितंबर में दोबारा आयोजित किया जाएगा। प्लांट पैथोलॉजी और एंटोमोलॉजी की परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में, जबकि फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स की परीक्षा सितंबर के दूसरे सप्ताह में कराई जाएगी।
विद्यार्थियों को संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर नजर रखने और अपने संबंधित कॉलेज या डीन कार्यालय से जानकारी लेते रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पेपर छात्रों तक कैसे पहुंचा, जांच जारी
फिलहाल जांच का मुख्य बिंदु यह है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र की PDF छात्रों तक कैसे पहुंची। वायरल PDF और वास्तविक प्रश्नपत्र में समानता की पुष्टि होने पर यह भी जांच की जाएगी कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस से सहयोग मांगा है। अब पुलिस जांच और विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लगातार तीसरी परीक्षा निरस्त होने के बाद IGKV की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विद्यार्थियों को अब दोबारा परीक्षा की तारीख का इंतजार है।

