नई दिल्ली, 09 अक्टूबर। ITS tocks Rally: अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़ी PERM प्रक्रिया के तहत TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCLTech समेत आठ कंपनियों को सस्पेंड किए जाने के बावजूद भारतीय आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स 3.31 प्रतिशत उछलकर 28,654.70 के स्तर पर पहुंच गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद भी निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी क्यों की।
TCS के बयान से निवेशकों को मिला भरोसा
TCS ने स्पष्ट किया कि PERM प्रोग्राम से सस्पेंशन का उसकी अमेरिकी भर्ती रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर खास असर पड़ने की आशंका नहीं है। कंपनी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में उसके PERM आवेदन एक अंक में रहे हैं। इसके साथ ही TCS ने अमेरिका में अगले पांच वर्षों के दौरान 15,000 लोगों को नौकरी देने की अपनी योजना भी दोहराई।
दरअसल, PERM रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक हिस्सा है। इस पर कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि संबंधित कंपनियों के सभी H-1B वीजा रद्द हो गए हैं या उनका अमेरिकी कारोबार बंद हो जाएगा।
TCS के तिमाही नतीजों ने भी बढ़ाया भरोसा
आईटी शेयरों में तेजी की एक वजह TCS के बेहतर तिमाही नतीजे भी रहे। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 11.2 प्रतिशत बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये पहुंच गया।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा कंपनी का सालाना आधार पर अनुमानित रेवेन्यू बढ़कर 3.1 अरब डॉलर हो गया। इन आंकड़ों से निवेशकों को कंपनी की कमाई और कारोबार की संभावनाओं को लेकर भरोसा मिला।
पिछली गिरावट के बाद हुई खरीदारी
इससे एक दिन पहले शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी की, जिससे सेक्टर के प्रमुख शेयरों में तेजी आई।
हालांकि, इस तेजी को स्थायी मानना अभी जल्दबाजी होगी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिका की नीतियों में बदलाव और आईटी कंपनियों की भविष्य की कमाई बाजार की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

