जशपुर, 05 नवम्बर। Jashpur Karam Mahotsav: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुधवार को जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान महादेव एवं माता पार्वती, छत्तीसगढ़ महतारी और धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
6 हजार से अधिक लोगों ने किया पारंपरिक नृत्य
पारंपरिक उत्साह, उल्लास और श्रद्धा के बीच आयोजित महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नर्तक दलों सहित उरांव समाज के 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में करम राजा के चारों ओर मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी नर्तक दलों के साथ कदम मिलाकर पारंपरिक नृत्य में शामिल हुए। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को करम परब की शुभकामनाएं दीं।
बनगांव को विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को कई विकास कार्यों की सौगात देते हुए—
- ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये
- सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये
- बनगांव में अखड़ा निर्माण
- सहसपुर में मिनी स्टेडियम निर्माण
की घोषणा की।
करम परब हमारी सांस्कृतिक धरोहर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। यह पर्व प्रकृति के प्रति हमारी गहरी आस्था, प्रेम और सम्मान की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि करम परब प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ता है। आधुनिकता और विकास के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पर्वों से जुड़े रहना चाहिए, ताकि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सके।
जनजातीय वीर नायकों के बलिदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए रानी दुर्गावती, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों के साहस और बलिदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों का जीवन समाज के लिए साहस, त्याग और समर्पण की प्रेरणा देता है।
मोदी की गारंटी से हर वर्ग को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार माताओं-बहनों, किसानों, गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है और मोदी की गारंटी के तहत किए गए संकल्पों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दीपावली से पहले महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी गई है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में योजना की 33वीं किस्त जारी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। वहीं भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
जशपुर में शिक्षा, खेल और अधोसंरचना को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। जिले में मेडिकल की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी विकसित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कुनकुरी विकासखंड के हर्राडांड़ में राज्य का पांचवां 400 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास की रोशनी जशपुर के प्रत्येक गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करते हुए जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में उरांव समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

