जशपुर, 27 अगस्त। Jashpur News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह चलती-फिरती विज्ञानशाला स्कूलों और विद्यार्थियों तक विज्ञान एवं तकनीक की व्यावहारिक शिक्षा पहुंचाएगी। खासतौर पर उन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों की पहुंच सीमित है।
मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में अपने आसपास की दुनिया को समझने की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है। इसे वैज्ञानिक सोच, प्रयोग और नवाचार से जोड़ना जरूरी है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ के जरिए विद्यार्थी किताबों में पढ़े विज्ञान को प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से आसानी से समझ सकेंगे।
चार प्रमुख मॉड्यूल से जुड़ेंगे विद्यार्थी
इस विज्ञान वाहन के माध्यम से विद्यार्थियों को चार प्रमुख मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा। इनमें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन शामिल हैं। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान, नई तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और स्वच्छ पानी से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
विद्यार्थियों को केवल प्रयोग देखने के बजाय खुद गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। इससे उनमें सवाल पूछने, तर्क के आधार पर समाधान खोजने, समस्या-समाधान और नवाचार की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञान में रुचि बढ़ाना है उद्देश्य
‘साइंस ऑन व्हील्स’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक बार प्रयोग दिखाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए बच्चों में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति लगातार रुचि विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय नई तकनीकों और नवाचार का है, इसलिए विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही इनके व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना जरूरी है।
तीन राज्यों में संचालित हो रही पहल
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ परियोजना छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित हो रही है। इसे प्लक्ष विश्वविद्यालय, IDYM फाउंडेशन और IIT मंडी के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को विज्ञान की व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने और उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत CEO अभिषेक कुमार समेत स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।

