जगदलपुर, 17 सितम्बर। Jhiram Ghati Case Breaking: झीरम घाटी हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत ने 10 दोषी माओवादी कैडरों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने 5 सितंबर 2026 को सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। 16 सितंबर को सजा की अवधि पर सुनवाई के बाद अदालत ने मृत्युदंड का फैसला सुनाया।
यह मामला 25 मई 2013 को बस्तर के दरभा क्षेत्र में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा है। NIA के मुताबिक, हमलावरों ने काफिले को निशाना बनाकर हमला किया था। NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस घटना में 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे।
NIA ने मामले में 39 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 25 सितंबर 2014 को 9 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट और 28 सितंबर 2015 को 30 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। शुरुआत में 11 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही हुई थी, लेकिन सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। इसके बाद 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही और सभी को 5 सितंबर को दोषी ठहराया गया।
NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। मौत की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील और सजा की पुष्टि से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान है।


