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KITG 2026 : सिद्दी समुदाय के पहलवानों का दबदबा… 3 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीते

KITG 2026: Dominance of Siddi Community Wrestlers... Win 3 Gold and 1 Silver Medal

KITG 2026

रायपुर, 05 अप्रैल। KITG 2026 : “प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती”—यह कहावत खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक के सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने सच कर दिखाई। इन खिलाड़ियों ने कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

चार में से तीन ने जीते स्वर्ण पदक

कर्नाटक की ओर से भाग लेने वाले 9 पहलवानों में से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इनमें से:

यह प्रदर्शन इस समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है।

संघर्ष से सफलता तक की कहानी

इन खिलाड़ियों की उपलब्धि उनके कठिन संघर्ष और मेहनत की कहानी बयां करती है। रोहन डोड़ामणि, जो धारवाड़ जिले से हैं, साधारण परिवार से आते हैं। उन्होंने पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और अब स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है।

कोच और समुदाय में गर्व का माहौल

कर्नाटक टीम की कोच ममता ने कहा कि राज्य में सिद्दी समुदाय के बीच कुश्ती का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से इस समुदाय के बच्चों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

बड़े सपनों की ओर बढ़ते कदम

प्रिंसिता सिद्दी और शालिना सिद्दी जैसे खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का सपना देख रहे हैं। लगातार अभ्यास और समर्पण के साथ वे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और खेल मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए खेलो इंडिया अभियान के तहत ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच मिल रहा है। यह पहल देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों से प्रतिभाओं को आगे लाने में अहम भूमिका निभा रही है।

खेल भविष्य को मिल रही नई दिशा

सिद्दी समुदाय के खिलाड़ियों की यह सफलता साबित करती है कि सही अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर दूरदराज के क्षेत्रों से भी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं।

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