कोरबा, 14 अक्टूबर। Madanpur Ghat Traffic Jam: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मदनपुर घाट में ट्रेलर दुर्घटना के बाद घंटों तक यातायात बाधित रहने के मामले में कोरबा पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आमने-सामने आ गए हैं। पुलिस ने राहत कार्य में समय पर मदद नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए NHAI के खिलाफ कटघोरा कोर्ट में परिवाद दायर किया है। वहीं, राहत कार्य में लापरवाही को लेकर संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपये की पेनल्टी भी लगाई गई है।
दो ट्रेलरों की टक्कर से लगा लंबा जाम
पुलिस के मुताबिक, 12 अक्टूबर की सुबह करीब ढाई बजे मदनपुर घाट में कटघोरा की ओर जा रहा एक ट्रेलर तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर खड़ा हो गया। इसी दौरान अंबिकापुर की ओर जा रहा ट्रेलर क्रमांक CG 10 BS 9436 उससे टकरा गया। हादसे के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात घंटों प्रभावित रहा।
क्रेन और ईंधन की कमी से राहत कार्य में देरी
NHAI की जांच में सामने आया कि राहत कार्य के दौरान संबंधित एजेंसी का परियोजना प्रबंधक मौके पर मौजूद नहीं था। क्रेन ऑपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने में देरी हुई। 1033 हेल्पलाइन पर सूचना देने के बावजूद समय पर सहायता नहीं मिलने की बात भी सामने आई।
जाम में फंसी एंबुलेंस, यात्रियों को हुई परेशानी
लंबे जाम के कारण यात्री बसों और एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए निकले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस का आरोप है कि NHAI अधिकारियों से लगातार संपर्क करने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
कटघोरा कोर्ट में दायर हुआ परिवाद
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 222(ए) के तहत कटघोरा कोर्ट में परिवाद पेश किया है। इसके साथ ही राहत कार्य में लापरवाही को लेकर संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। अब मामले में न्यायालय की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

