भोपाल, 09 जुलाई। मध्य प्रदेश में सरकारी बसों के संचालन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 40 प्रमुख इंटरसिटी बस रूट तय कर दिए हैं। राज्य सड़क परिवहन स्कीम के तहत इन रूटों पर बस सेवा शुरू करने से पहले सरकार ने आम लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद बस संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नई व्यवस्था में यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकट व्यवस्था लागू होगी। वहीं, बसों में लगाए जाने वाले ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए यात्री वेबसाइट पर हर 10 सेकेंड में बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे।
परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, मध्य प्रदेश यात्री बस परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा चिन्हित रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए राज्य परिवहन उपक्रम के नाम से परमिट जारी होंगे। साथ ही पीपीपी मॉडल के तहत निजी बस संचालकों के साथ अनुबंध भी किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है। योजना लागू होने के सात दिन बाद बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
इन जिलों को जोड़ेंगे 40 बस रूट
योजना के तहत इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर और नरसिंहपुर समेत प्रदेश के कई जिलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है।
अलग-अलग क्षमता की चलेंगी बसें
सरकार की योजना के अनुसार, सामान्य मार्गों पर 23 से 34 सीट वाली मिडी बसें चलाई जाएंगी। इनमें साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स श्रेणी की बसें शामिल होंगी।
वहीं, इंटरसिटी रूटों पर 35 से 70 सीट वाली स्टैंडर्ड बसें संचालित की जाएंगी। इनमें एसी डीलक्स, एसी लग्जरी और एसी सुपर लग्जरी श्रेणी की बसें शामिल रहेंगी।
नई बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, समय पर परिवहन और सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

