इंदौर, 23 अगस्त। MP News: ग्राम सिंहाना स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को मध्याह्न भोजन के बाद 38 बच्चों ने तबीयत बिगड़ने की शिकायत की। बच्चों को दोपहर में कढ़ी-चावल परोसे गए थे। भोजन के कुछ देर बाद बच्चों को पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की परेशानी होने लगी।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने परिजनों को सूचना दी और बच्चों को इलाज के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल पहुंचाया। इनमें से 19 बच्चों को करीब सात घंटे तक अस्पताल में निगरानी में रखा गया। हालत स्थिर रहने पर सभी बच्चों को शाम करीब 6:30 बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
फूड पॉइजनिंग की आशंका, जांच के बाद स्थिति साफ होगी
दोपहर करीब 1:30 बजे बच्चों को कढ़ी-चावल परोसे गए थे। खाना खाने के कुछ समय बाद एक के बाद एक बच्चों ने तबीयत खराब होने की शिकायत की। बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के कारण शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई।
हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल में जांच और निगरानी के दौरान बच्चों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। एक बच्ची को पहले से तीन दिन से बुखार था, जबकि अन्य बच्चों की स्थिति भी सामान्य पाई गई।
भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने स्कूल पहुंचकर तैयार भोजन और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण भोजन था या कोई अन्य वजह।
जांच टीम भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों को परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया की भी जांच कर रही है। भोजन कहां तैयार हुआ, स्कूल तक कैसे पहुंचा और परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच हुई थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
स्कूलों के मिड-डे मील की गुणवत्ता पर फिर सवाल
इंदौर में स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। जून में शिशुकुंज स्कूल में भी कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्कूल की रसोई सील कर जांच की गई थी।
सिंहाना स्कूल की घटना के बाद एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

