रायपुर, 21 अगस्त। NSUI Protest: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में “Pest Management in Crop and Stored Grains-I” (AENT221) का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले WhatsApp पर वायरल होने और परीक्षा में कथित तौर पर वही प्रश्नपत्र आने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है। NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने नोटों की माला और डायपर लेकर अनोखे तरीके से विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र वायरल होना परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है।
NSUI ने दावा किया कि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। संगठन के अनुसार, 2022 और 2024 में भी प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं और अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp के माध्यम से वायरल होने का मामला सामने आया है। NSUI ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने कहा कि विद्यार्थी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र वायरल होकर परीक्षा में वही पेपर आ जाए, तो यह मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और विद्यार्थियों के हित में उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अध्यक्ष हरिओम तिवारी, प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा, वैभव मुजेवार, पुनेश्वर लहरे समेत सैकड़ों NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।

