रायपुर, 14 अक्टूबर। PM-SETU Scheme Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके लिए पांच वर्षों में लगभग 1,446 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी से आईटीआई में प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकेंगे।
छह क्लस्टरों में विकसित होंगे आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र
पीएम-सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ के दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर में छह क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई सहित कुल 30 शासकीय आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव है।
योजना के अंतर्गत हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार की 17 प्रतिशत वित्तीय भागीदारी निर्धारित है।
इन संस्थानों में आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार कर युवाओं को वर्तमान और भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाएगा।
दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट और बस्तर में NMDC की भागीदारी
दुर्ग क्लस्टर में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में काम करेगा। इसके तहत शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब आईटीआई बनाया जाएगा, जबकि भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा के आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।
वहीं, बस्तर क्लस्टर में एनएमडीसी लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर होगा। शासकीय आईटीआई बस्तर को हब आईटीआई तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। एनएमडीसी की भागीदारी से स्थानीय युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल सीखने और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
सरगुजा और कोरबा में भी उद्योगों की सहभागिता
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनने पर सहमति दी है। इस क्लस्टर के लिए टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है। एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी तरह कोरबा क्लस्टर के लिए एनटीपीसी कोरबा ने सहभागिता की सहमति दी है। यहां ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया जारी है। रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए भी एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और औद्योगिक जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करना आवश्यक है। सरकार का प्रयास है कि उद्योगों को आवश्यकतानुसार दक्ष मानव संसाधन प्रदेश में ही मिले और युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप बेहतर रोजगार प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि पीएम-सेतु योजना के माध्यम से आईटीआई को आधुनिक कौशल, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। हब-स्पोक मॉडल के जरिए प्रशिक्षण संस्थानों के बीच आधुनिक उपकरणों, तकनीकी संसाधनों और विशेषज्ञता का साझा उपयोग किया जा सकेगा।
रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की सीधी भागीदारी से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, सेल के पवन कुमार सहित संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

