नई दिल्ली, 17 अगस्त। Rahul Gandhi Chhatron ki Goonj: पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों से संवाद कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब पुणे में छात्राओं से बातचीत करेंगे। कोटा, देहरादून और प्रयागराज के बाद ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का अगला कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में खास तौर पर सिर्फ छात्राओं को आमंत्रित किया गया है।
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से देश के अलग-अलग शहरों में छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों में शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
छात्राओं की समस्याओं पर होगी चर्चा
कांग्रेस के मुताबिक, पुणे में राहुल गांधी छात्राओं से सीधे बातचीत करेंगे और उच्च शिक्षा से लेकर रोजगार तक उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझेंगे। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सुरक्षा, अवसर, भेदभाव और छात्राओं के ड्रॉपआउट जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस का कहना है कि कई छात्राएं उच्च शिक्षा तक पहुंचने के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं। ऐसे में इसके कारणों और छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की जाएगी।
महिला सुरक्षा और अधिकारों पर भी फोकस
पुणे कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी अहम रहने की संभावना है। कांग्रेस का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों पर गंभीरता से चर्चा की जरूरत है।
कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस युवा महिलाओं की चिंताओं और उनकी समस्याओं को सामने लाने की कोशिश करेगी। कांग्रेस नेता उदय भानु चिब के मुताबिक, राहुल गांधी लंबे समय से महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर आवाज उठाते रहे हैं और पुणे का कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक पहल है।
महिला आरक्षण और बराबरी पर चर्चा
कार्यक्रम में महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी उठ सकता है। कांग्रेस छात्राओं के बीच शिक्षा, रोजगार, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं को बराबर अवसर देने से जुड़े सवालों पर चर्चा करेगी।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा है कि देश की लड़कियों को बराबरी, सुरक्षा, अवसर और अपनी बात रखने की आजादी मिलनी चाहिए।
Gen Z से जुड़ने की कोशिश
पुणे का कार्यक्रम कांग्रेस की युवाओं, खासकर Gen Z तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि छात्राएं अपनी समस्याएं और विचार सीधे राहुल गांधी के सामने रखें।

