Site icon AB News24.in

Raipur Airport Update: स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को PPP मॉडल में शामिल करने की तैयारी… 50 साल का प्रस्ताव

रायपुर, 26 अगस्त। Raipur Airport Update: छत्तीसगढ़ की राजधानी का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट आने वाले समय में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निजी कंपनी के साथ संचालित किए जाने की संभावना है। केंद्र सरकार देश के 11 एयरपोर्ट को 50 साल की कंसेशन अवधि के लिए निजी कंपनियों को देने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव को PPPAC से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है।

5 समूहों में बांटे जाएंगे 11 एयरपोर्ट

प्रस्तावित योजना के तहत 11 एयरपोर्ट को 5 समूहों में बांटने की तैयारी है। बड़े एयरपोर्ट को छोटे या मध्यम आकार के एयरपोर्ट के साथ जोड़ा जाएगा। प्रत्येक समूह के संचालन और विकास की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को देने का प्रस्ताव है।

सरकार का उद्देश्य निजी निवेश और विशेषज्ञता के जरिए एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

रायपुर और औरंगाबाद एक समूह में

प्रस्ताव के अनुसार रायपुर एयरपोर्ट को औरंगाबाद एयरपोर्ट के साथ एक समूह में रखा गया है। अन्य समूहों में अमृतसर-कांगड़ा गग्गल, वाराणसी-गया-कुशीनगर, भुवनेश्वर-हुबली और तिरुचिरापल्ली-तिरुपति एयरपोर्ट शामिल हैं।

इन 11 एयरपोर्ट के संचालन और विकास में निजी क्षेत्र से करीब 8,622 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। सरकार एयरपोर्ट संचालन में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए एक ही कंपनी को अत्यधिक समूह मिलने से रोकने के लिए भी सीमाएं तय करने की तैयारी कर रही है।

यात्री सुविधाओं में सुधार की उम्मीद

PPP मॉडल के जरिए निजी पूंजी और विशेषज्ञता का इस्तेमाल एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर, संचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इससे टर्मिनल, यात्री सेवाओं और अन्य सुविधाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, अभी यह प्रस्तावित PPP व्यवस्था है। इसे रायपुर एयरपोर्ट के तत्काल निजीकरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। योजना के अंतिम स्वरूप, शर्तों और निजी कंपनी की भूमिका की तस्वीर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Exit mobile version