Site icon AB News24.in

Raipur Fraud Case: रायपुर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 96 लाख की ठगी

रायपुर, 12 सितम्बर। Raipur Fraud Case: शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर रायपुर के एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करीब 96 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी रील के जरिए कारोबारी से संपर्क किया और उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश के लिए उकसाया। मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है।

शंकर नगर निवासी कारोबारी विशाल बरड़िया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 अगस्त को उन्हें एक महिला के नाम से चल रहे मोबाइल नंबर के जरिए ‘जीएल 632-एनएएम एलीट कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। आरोपियों ने इस प्लेटफॉर्म को नुवामा ट्रेडिंग एंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़ा बताया।

ग्रुप में रोज दोपहर करीब 2:30 बजे किसी कंपनी के शेयर खरीदने का मैसेज भेजा जाता था। अगले दिन सुबह 9:15 बजे शेयर का भाव बढ़ने पर उन्हें बेचने के निर्देश दिए जाते थे। 12 अगस्त को कारोबारी का ट्रेडिंग रजिस्ट्रेशन कराया गया और 13 अगस्त से उन्होंने निवेश शुरू किया।

96 लाख लगाए, ऐप में दिखा 1.90 करोड़

शिकायत के मुताबिक, 3 सितंबर तक कारोबारी ने करीब 96 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। आरोपियों द्वारा बताए गए ऐप में निवेश पर मुनाफा जोड़कर करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए की रकम दिखाई जा रही थी।

28 अगस्त को कारोबारी ने अपने खाते से 80 लाख रुपए निकालने का अनुरोध किया। इसके बाद आरोपियों ने दावा किया कि उनकी अनुमति के बिना कथित आईपीओ में 14.40 लाख शेयर खरीद लिए गए हैं। इसकी कीमत करीब 3.60 करोड़ रुपए बताई गई और ऐप में मौजूद करीब 1.89 करोड़ रुपए की रकम फ्रीज कर दी गई।

रकम निकालने के लिए मांगे और पैसे

आरोपियों ने कारोबारी से कहा कि रकम निकालने के लिए खाते में 3.60 करोड़ रुपए पूरे करने होंगे। इसके लिए उन्हें 1.50 करोड़ रुपए के लोन का ऑफर भी दिया गया। साथ ही दावा किया गया कि बाकी रकम जमा करने पर उनका मुनाफा बढ़कर 18.74 करोड़ रुपए हो जाएगा।

इसके बाद कारोबारी को ठगी का शक हुआ। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी इसकी जानकारी दी। कारोबारी ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने और रकम वापस दिलाने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, पैसे जमा कराने के बाद आरोपियों ने कारोबारी के फोन उठाना भी बंद कर दिया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और कथित ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों व संपर्क माध्यमों की जानकारी जुटाई जा रही है।

Exit mobile version