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Raipur News: सावन में नगर निगम सख्त… कांवड़ यात्रा मार्गों पर खुले में मांस बिक्री पर लगेगी रोक

सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने खुले में मांस बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं

सावन में नगर निगम

रायपुर, 31 जुलाई। Raipur News: सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने खुले में मांस बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर खुले में मांस की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महापौर ने अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक लेकर कहा कि सावन माह के दौरान लाखेनगर चौक से महादेवघाट होते हुए रायपुरा मार्ग तक विशेष निगरानी रखी जाए। इस पूरे मार्ग की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि कहीं खुले में मांस बिक्री होती पाई गई तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सावन माह में बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कांवड़ यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर ने मानसून को देखते हुए शहर के सभी मुक्तिधामों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी मुक्तिधाम में जलभराव की स्थिति बनने पर संबंधित जोन कमिश्नर स्वयं मौके पर पहुंचकर तत्काल समस्या का समाधान सुनिश्चित करें, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

11 अगस्त तक चलेगी कांवड़ यात्रा

सावन मास के साथ 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा प्रारंभ हो चुकी है, जो 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि तक चलेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त महादेवघाट सहित विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए कांवड़ लेकर पहुंचेंगे।

रायपुर में लाखेनगर चौक, रायपुरा और महादेवघाट मार्ग पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए नगर निगम ने इन मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के साथ खुले में मांस बिक्री पर सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक आस्था और शहर की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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