रायपुर, 07 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने बिना RERA पंजीयन प्लॉटेड ले-आउट परियोजना में प्लॉट बेचने के मामले में महागणपति डेव्हलपर्स, रायपुर पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही संबंधित परियोजना का RERA के तहत पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रकरण में सामने आया कि महागणपति डेव्हलपर्स की प्लॉटेड ले-आउट परियोजना का RERA में पंजीयन नहीं कराया गया था। भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के तहत पंजीयन योग्य परियोजना का प्राधिकरण में पंजीयन कराए बिना किसी भूखंड या इकाई का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग या बिक्री के लिए प्रस्ताव नहीं किया जा सकता।
दस्तावेजों की जांच के बाद हुई कार्रवाई
प्राधिकरण ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की। जांच में परियोजना को अधिनियम की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। इसके बाद CGRERA ने 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए परियोजना को RERA के तहत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए।
बिना पंजीयन बिक्री पर हो सकती है कार्रवाई
CGRERA ने स्पष्ट किया है कि RERA के तहत पंजीयन योग्य परियोजनाओं में प्राधिकरण से पंजीयन प्राप्त किए बिना भूखंड या इकाइयों का विज्ञापन, विपणन, बुकिंग अथवा बिक्री करना कानून का उल्लंघन है।
ऐसे मामलों में प्राधिकरण स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर संबंधित प्रमोटर के खिलाफ अर्थदंड समेत अधिनियम के तहत अन्य वैधानिक कार्रवाई भी कर सकता है।

