सरगुजा, 10 अक्टूबर। Sarguja Road Accident: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विशुनपुर चौक के पास सड़क किनारे खड़े खराब ट्रेलर से बाइक टकराने पर दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हादसे में एक युवक ने सीतापुर अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद सड़क पर खड़े खराब वाहनों और पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
काम से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, लुंड्रा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर अंतर्गत ऊंचडीह टकरीपानी निवासी अशोक कुमार नागेश (34), पिता सुमर नागेश, अपने चचेरे भाई संतोष नागेश के साथ गुरुवार को फॉल्स सीलिंग का काम करने सीतापुर गए थे। काम पूरा होने के बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
इसी दौरान NH-43 पर विशुनपुर चौक के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर क्रमांक TN 88 B 4718 के पिछले हिस्से से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से उन्हें सीतापुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने संतोष नागेश को मृत घोषित कर दिया।
वहीं, अशोक कुमार नागेश की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह उनकी भी मौत हो गई। एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की मौत से परिजनों में शोक है।
चार दिन में चार बाइक सवारों की मौत
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर सड़क किनारे खड़े खराब वाहनों से होने वाले हादसों को लेकर चिंता बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि बीते सोमवार रात बतौली क्षेत्र में सड़क पर खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉला के पिछले हिस्से से बाइक टकराने पर दो बाइक सवारों की मौत हो गई थी। इसके बाद विशुनपुर में हुए हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पिछले चार दिनों में सड़क पर खड़े खराब वाहनों से जुड़े हादसों में चार बाइक सवार युवकों की जान जा चुकी है।
पुलिस पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क किनारे खड़े खराब वाहनों की समय रहते पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर हटाया जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
हाईवे पर खराब वाहनों को पर्याप्त सुरक्षा संकेतों के बिना खड़ा करना राहगीरों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी, खराब वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाने और यातायात सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत है।


