मुंबई, 24 अक्टूबर। Share Market Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। सेंसेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। महज चार कारोबारी सत्रों में BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये घट गया। वहीं, इस सप्ताह सेंसेक्स 1,605 अंक से अधिक टूट चुका है।
महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
शुक्रवार को सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 अंक पर बंद हुआ। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3 प्रतिशत उछलकर 116.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा पश्चिम एशिया में संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से देश का आयात बिल बढ़ सकता है और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है।
महंगे तेल से महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी शेयर बाजारों में कमजोरी, रुपये में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी घरेलू बाजार की धारणा पर असर डाला।
इन शेयरों में रही गिरावट
शुक्रवार के कारोबार में टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। ट्रेंट, टेक महिंद्रा, BEL और इंडिगो के शेयर भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
हालांकि, बाजार में कुछ शेयरों ने मजबूती भी दिखाई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS, इंफोसिस और ICICI बैंक के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
अगले सप्ताह इन घटनाक्रमों पर रहेगी नजर
आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख से भी बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।


