सिक्किम, 21 जुलाई। Sikkim News: सिक्किम के नामची जिले के मामरिंग स्थित समरदुंग सुरंग में सोमवार को लैंडस्लाइड के बाद बड़ा हादसा हो गया। सुरंग का एंट्री गेट मलबे से बंद होने के कारण अंदर काम कर रहे 27 मजदूर फंस गए। हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, वही 19 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।
जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों की संख्या 27 से कम या ज्यादा भी हो सकती है। निर्माणाधीन समरदुंग सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के 6 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।
मीथेन गैस से रेस्क्यू में आ रही परेशानी
सुरंग में मीथेन गैस लीक होने की आशंका के चलते राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। गैस की वजह से कई बचावकर्मियों को अंदर जाने के दौरान परेशानी हुई, कुछ को चक्कर भी आए। सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू टीम गैस मास्क और विशेष उपकरणों की मदद से मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। पश्चिम बंगाल से भी गैस-रोधी उपकरणों से लैस विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया है।
एंबुलेंस तैयार, मजदूरों को निकालना प्राथमिकता
अधिकारियों के अनुसार सुरंग में कम जगह, खराब रोशनी और गैस की मौजूदगी के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैयार रखा है। बचाव दल की प्राथमिकता सभी फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
यह सुरंग तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए पटेल इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा बनाई जा रही थी।
मीथेन गैस क्यों खतरनाक है
मीथेन गैस जहरीली नहीं होती, लेकिन बंद जगहों में यह ऑक्सीजन की मात्रा कम कर सकती है। इससे दम घुटने और बेहोशी का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अगर गैस में आग या चिंगारी संपर्क में आए तो विस्फोट का खतरा भी पैदा हो सकता है।

