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SIM Alert: अपने नाम का SIM किसी और को दिया तो हो सकती है जेल

नई दिल्ली, 22 सितंबर। SIM Alert: अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को देना अब भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 21 सितंबर 2026 को एडवायजरी जारी कर फर्जी SIM, टेलीकॉम आइडेंटिफायर के दुरुपयोग और IMEI से छेड़छाड़ को लेकर लोगों को सतर्क किया है। नियमों के उल्लंघन के कुछ मामलों में 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

DoT ने नागरिकों से अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जांच करने की अपील की है। इसके लिए Sanchar Saathi पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर ऐसा मोबाइल नंबर चल रहा है, जिसे उसने जारी नहीं कराया है, तो पोर्टल के जरिए उसकी रिपोर्ट कर कनेक्शन बंद कराया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में 25 फर्जी कनेक्शन का मामला

DoT की कार्रवाई के बीच छत्तीसगढ़ में फर्जी मोबाइल कनेक्शन से जुड़ा मामला भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक Point of Sale (PoS) एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट कर दिए। जांच और दोबारा वेरिफिकेशन के बाद संदिग्ध कनेक्शन बंद कराए गए। संबंधित एजेंट को ब्लैकलिस्ट भी किया गया।

SIM किराए पर देना पड़ सकता है भारी

अपने नाम पर SIM लेकर उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने, किराए पर देने या इस्तेमाल के लिए सौंपने से कानूनी परेशानी हो सकती है। खास तौर पर यदि उस नंबर का इस्तेमाल साइबर अपराध या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो SIM धारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

फर्जी दस्तावेजों से SIM लेना, किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल करना और IMEI नंबर से छेड़छाड़ भी गंभीर उल्लंघन माने जाते हैं।

एक व्यक्ति के नाम पर 9 SIM की सीमा

भारत में सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखने की सीमा है। जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट के लिए यह सीमा 6 कनेक्शन है। DoT इस व्यवस्था की निगरानी Digital Intelligence Platform (DIP) के जरिए कर रहा है।

23 अगस्त से सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की प्रतिनिधि तस्वीरें प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की गई है। वहीं 24 अगस्त से अतिरिक्त कनेक्शन पर रोक की प्रक्रिया लागू की गई। टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया गया है।

ऐसे में मोबाइल यूजर्स को अपने नाम पर चल रहे सभी मोबाइल नंबरों की समय-समय पर जांच करनी चाहिए। अनजान या बिना अनुमति के जारी कनेक्शन मिलने पर उसे तुरंत रिपोर्ट कर बंद कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

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