नई दिल्ली, 24 जुलाई। Sonam Wangchuk: वैज्ञानिक, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के लंबे अनशन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर अपना अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने वेदांता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाया। इस दौरान लद्दाख एपेक्स बॉडी के शीर्ष नेता भी मौजूद रहे।
सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अनशन समाप्त करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रात करीब साढ़े 12 बजे केंद्रीय मंत्री उनसे मिलने पहुंचे और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा गया। इसके अलावा, विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और संसद में नीट पेपर लीक व परीक्षा सुधारों पर चर्चा कराने का भरोसा दिलाया।
वांगचुक ने बताया कि सरकार की ओर से मिले आश्वासनों को लिखित रूप में लेने के लिए पिछले दो दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा कि यदि लिखित आश्वासन नहीं मिलता तो वह अपना अनशन और आगे भी जारी रखते।
सरकार ने किए ये अहम वादे
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन को पढ़कर सुनाया। इसके अनुसार, सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों तथा 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने के पक्ष में है।
इसके अलावा, सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक की समस्या के समाधान और परीक्षाओं में आवश्यक शैक्षिक सुधारों पर विस्तृत चर्चा कराने का आश्वासन दे चुकी है। साथ ही, हालिया नीट प्रश्नपत्र लीक मामले से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा दिए जाने पर भी सकारात्मक रूप से विचार किया जा रहा है।

