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Supreme Court का बड़ा आदेश… जुलाई 2026 तक करें स्पेशल शिक्षकों की भर्ती… छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश

Supreme Court: The Supreme Court of India has issued strict instructions to the Chhattisgarh government regarding the education system for children with special needs. The court has clearly stated that special educators will be appointed within two months.

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रायपुर, 24 मई। Supreme Court : विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर Supreme Court of India ने छत्तीसगढ़ सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि दो महीने के भीतर स्पेशल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर जुलाई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

49 हजार बच्चों की शिक्षा पर जताई चिंता

विशेष बच्चों के लिए शिक्षकों की कमी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम Court ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 49 हजार से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं, जबकि उनकी शिक्षा के लिए लगभग 3,981 स्पेशल शिक्षकों की आवश्यकता है। इसके मुकाबले स्वीकृत पदों और कार्यरत शिक्षकों की संख्या काफी कम बताई गई।

संविदा शिक्षकों को भी मिला बड़ा अवसर

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविदा और निश्चित मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि 55 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर कार्यरत 85 विशेष शिक्षकों को स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए।

पात्रता पूरी होने पर होगी नियुक्ति

कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि अभ्यर्थी Rehabilitation Council of India (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता और पात्रता पूरी करते हैं, तो दो महीने के भीतर उनकी विधिसम्मत नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।

राज्य सरकार ने कोर्ट में दी जानकारी

राज्य शासन ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर बताया कि छत्तीसगढ़ में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों के लिए 3 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। RCI अर्हता रखने वाले 62 शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 38 पद TET विवाद के कारण अब भी रिक्त हैं।

अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष

इस मामले में याचिकाकर्ता रजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला और अधिवक्ता पलाश तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।

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