Site icon AB News24.in

Surajpur Murder Case: सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला… 3 दोषियों को फांसी की सजा

सूरजपुर, 08 अक्टूबर। Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

मामले में 29 सितंबर को कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संजय अंबस्ट ने वारदात को गंभीरतम श्रेणी का बताते हुए दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी।

अक्टूबर 2024 में हुई थी वारदात

यह मामला अक्टूबर 2024 में सामने आया था। पुलिस विभाग में पदस्थ एक हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और नाबालिग बेटी की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद दोनों के शव घर से कुछ दूरी पर मिले थे।

हेड कॉन्स्टेबल जब ड्यूटी से वापस घर पहुंचा तो उसे घर में पत्नी और बेटी नहीं मिलीं। घर में खून के निशान मिलने के बाद उसने दोनों की तलाश शुरू की। अगले दिन दोनों के शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

पुराने विवाद से जुड़ा था मामला

पुलिस जांच में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू से जुड़े पुराने विवाद की बात सामने आई थी। अक्टूबर 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान संदीप का कुछ युवकों से विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस उसे थाने लेकर गई थी।

आरोप था कि थाने में संदीप के साथ मारपीट हुई थी। इसी घटना को लेकर कुलदीप नाराज था। जांच में पुलिस ने दावा किया था कि इसी विवाद के बाद उसने कुछ लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई।

वारदात से पहले पुलिसकर्मियों से हुआ था विवाद

मामले के अनुसार, हत्या से एक दिन पहले कुलदीप अपने साथियों के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड के पास मौजूद था। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद हुआ और वह मौके से भाग निकला।

इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी दौरान कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा और वहां उसकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी गई।

मामले की जांच में आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह की भूमिका भी सामने आई। चारों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर अदालत में सुनवाई चली।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चलाया था अभियान

वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी के पुलिस टीम से बचकर दूसरे राज्य की ओर जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद में उसे बलरामपुर में बस से उतरते समय गिरफ्तार किया गया।

घटना के बाद सूरजपुर में भी लोगों में काफी आक्रोश देखा गया था। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन और विरोध की स्थिति बनी थी। पुलिस-प्रशासन ने हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया था।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। 29 सितंबर को अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।

अब अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद दी गई है। इस फैसले के बाद बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में अदालत की कार्रवाई का यह अहम चरण पूरा हो गया है।

Exit mobile version