रायपुर, 08 अगस्त। Tiranga Yatra: नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर के उन गांवों में इस बार स्वतंत्रता दिवस खास होने जा रहा है, जहां आजादी के बाद से अब तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जा सका था। 15 अगस्त को बस्तर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। इनमें बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं।
इसके साथ ही बस्तर संभाग में 500 से ज्यादा स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा। इस अभियान को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकार वार्ता कर तैयारियों की जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि प्रदेशभर में ‘हर घर तिरंगा’ और ‘तिरंगा यात्रा’ अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना, संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।
प्रदेश की 450 से ज्यादा भाजपा मंडल इकाइयों के अलावा बड़े गांवों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखंड मुख्यालयों में तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। बस्तर में पूवर्ती, सिलगेर और दरभा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को भी तिरंगा यात्रा से जोड़ने की योजना है। भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ता स्थानीय युवाओं के साथ बाइक रैली निकालेंगे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 2024 से 2026 के बीच स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के दौरान बस्तर के कई ऐसे दूरस्थ गांवों में तिरंगा फहराया गया, जहां पहले कभी राष्ट्रध्वज नहीं फहराया गया था। इस बार पूरे संभाग में अभियान को और व्यापक बनाया जा रहा है।
रायपुर में 10 अगस्त को तिरंगा यात्रा
राजधानी रायपुर में 10 अगस्त को सुबह 10 बजे मरीन ड्राइव से तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद-विधायक, विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संस्थाएं, धर्माचार्य और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

