सीहोर, 12 अक्टूबर। Tribal Homes Demolished: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी गांव में 12 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जताई और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
बुलडोजर से गिराए मकान, फसलें बर्बाद करने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, रविवार को बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विकास निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान बारेला आदिवासी समुदाय के 12 परिवारों के मकान बुलडोजर से गिरा दिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उनकी मक्का और तुअर की फसलों को ट्रैक्टर से रौंद दिया गया। इसके अलावा, कुएं को भी मिट्टी डालकर पाट दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से यहां रह रहे थे। मकान टूटने के बाद प्रभावित परिवारों ने गांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान के सामने अपनी परेशानी रखी। इस पर शिवराज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अन्याय की इंतहा हो गई है।
मुख्य सचिव से फोन पर जताई नाराजगी
मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन से फोन पर बात की और कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे मामले की जानकारी दी।
शिवराज ने प्रभावित परिवारों को पक्के मकान बनवाने और तब तक उनके रहने-खाने की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पहले भी आदिवासी परिवारों के मकान नहीं तोड़ने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा
कोसमी गांव में हुई इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले पर सवाल उठाते हुए आदिवासी अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बात कही।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों पर होने वाले कदमों को लेकर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


