नई दिल्ली, 17 अगस्त। UGC NET 2026: UGC-NET परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लिया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर में कई तरह की गड़बड़ियां मिलने के बाद इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। नई परीक्षा 9 और 10 सितंबर को आयोजित होगी।
NTA ने साफ किया है कि री-एग्जाम के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
किस दिन होगी किस विषय की परीक्षा
NTA के अनुसार, अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसी दिन कॉमर्स का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
पेपर में मिलीं कई गड़बड़ियां
NTA ने बताया कि उम्मीदवारों से शिकायतें मिलने के बाद एक समिति गठित कर पेपर की जांच कराई गई। जांच में तथ्यात्मक गलतियों, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी खामियों के अलावा व्याकरण और विराम चिह्न से जुड़ी कई गलतियां सामने आईं।
कुछ सवालों में प्रमुख विद्वानों के नाम और किताबों के नाम गलत लिखे गए थे। इसके अलावा कुछ सवालों में गैर-मानक शब्दों का इस्तेमाल और पहले की परीक्षाओं में पूछे जा चुके सवालों को दोहराने की बात भी सामने आई।
NTA के मुताबिक, गड़बड़ियां इतनी अधिक थीं कि केवल गलत सवालों को हटाकर परिणाम तैयार करना उचित नहीं होता। इसलिए इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।
अंग्रेजी और समाजशास्त्र के पेपर पर पहले भी उठे थे सवाल
UGC-NET जून सत्र की परीक्षा के बाद अंग्रेजी और समाजशास्त्र के पेपर को लेकर उम्मीदवारों ने शिकायतें की थीं। समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों ने स्पेलिंग, ग्रामर और प्रमुख विचारकों के नामों में गलतियों के साथ हिंदी अनुवाद में भी खामियों की शिकायत की थी।
वहीं अंग्रेजी के पेपर में पुराने सवाल दोहराए जाने को लेकर भी सवाल उठे थे। बाद में कॉमर्स के पेपर को लेकर भी इसी तरह की शिकायतें सामने आईं।
बाकी 84 विषयों के रिजल्ट पर नहीं पड़ेगा असर
UGC-NET में कुल 87 विषयों की परीक्षा हुई थी। NTA ने 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। इन तीन विषयों की आंसर-की फिलहाल रोक दी गई थी।
NTA ने कहा है कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की दोबारा परीक्षा का असर बाकी 84 विषयों के परिणाम पर नहीं पड़ेगा। इन विषयों के रिजल्ट तय कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे।
एजेंसी के अनुसार, जून सत्र के बाद JRF आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर व PhD पात्रता से जुड़े प्रमाणपत्र जारी करने में भी देरी नहीं होगी।

