उत्तराखंड, 1अगस्त। Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हो गई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। ऋषिकेश-देवप्रयाग मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 समेत 10 प्रमुख सड़कें बंद कर दी गई हैं। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
गंगा और अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के चलते देवप्रयाग और ऋषिकेश में गंगा तथा अलकनंदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। देवप्रयाग के रामकुंड में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। वहीं अलकनंदा नदी भी उफान पर है। ऋषिकेश के मायकुंड क्षेत्र में गंगा चेतावनी स्तर के करीब बह रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की सलाह दी है।
भूस्खलन से सड़कें बंद, आवाजाही प्रभावित
टिहरी समेत कई पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश के कारण भिलंगना, बालगंगा और नैलचामी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगहों पर भूस्खलन और मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग-34, राज्य राजमार्ग-31 सहित 10 प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है। सड़कें खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज गर्जना की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

