रायपुर, 11 जुलाई। Mahtari Vandan Yojana: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी की। इस दौरान प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से मिल रहे अनुभव इस योजना की सफलता को दर्शाते हैं। कई महिलाओं ने इस राशि का उपयोग छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई-कढ़ाई, स्वरोजगार, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में किया है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति सशक्तिकरण का अभियान चल रहा है और छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कर सभी पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मार्च 2024 से लागू हुई योजना
गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 से छत्तीसगढ़ में की गई थी। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।
योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।


