रायपुर, 08 जुलाई। Breaking News: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मामले के कथित प्रमुख आरोपी और ऐप संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है।
गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार उसे वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गई है।
मस्कट के हाई सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया
बताया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है और करीब 5000 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन बेटिंग घोटाले में आरोपी है। वह साल 2019 से फरार चल रहा था।
फर्जी पासपोर्ट से प्रवेश का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध तरीके से ओमान में प्रवेश करने का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि उसने कानूनी मदद के लिए मस्कट में वकीलों की टीम भी नियुक्त की है।
इंटरपोल रेड नोटिस रहेगा जारी
सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य जांच एजेंसियां कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं।
हाल ही में इंटरपोल की Commission for the Control of INTERPOL’s Files (CCF) ने सौरभ चंद्राकर की रेड नोटिस हटाने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसके खिलाफ जारी रेड नोटिस बरकरार है।
क्या है इंटरपोल रेड नोटिस
इंटरपोल रेड नोटिस किसी आरोपी या वांछित व्यक्ति का पता लगाने और उसे अस्थायी रूप से हिरासत में लेने के लिए जारी किया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय अलर्ट होता है। इसके आधार पर संबंधित देश कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।
भारत लाने में आ सकती हैं चुनौतियां
अधिकारियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर UAE छोड़ने के बाद ओमान में प्रवेश किया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
ओमान के कानूनों के तहत फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में वहां की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच
महादेव ऐप मामले में ED अब तक बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में 175 से ज्यादा ठिकानों पर तलाशी ली गई है, 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जांच एजेंसी ने अब तक करीब 4336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज करने की कार्रवाई की है।


