भिलाई, 03 अक्टूबर। BSP के लौह स्क्रैप चोरी मामले में CBI जांच के आदेश के बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। पुलिस अपने पास मौजूद करीब 900 पेज का चालान, केस डायरी, जब्ती दस्तावेज, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्य CBI को सौंपने की तैयारी कर रही है।
इस मामले में पुलिस अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि कुछ आरोपियों ने अग्रिम जमानत ली है। 26 मई को अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स में हुई छापेमारी के दौरान करीब 250 टन BSP स्क्रैप, 14 वाहन और कई मशीनें जब्त की गई थीं। जब्त सामान की कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपये बताई गई थी।
CBI जांच के दौरान BSP के स्टॉक रजिस्टर, गेट पास, वे-ब्रिज रिकॉर्ड और सुरक्षा दस्तावेजों का मिलान किया जा सकता है। साथ ही स्क्रैप संयंत्र से निकलने के बाद कहां गया, किसने खरीदा और भुगतान किस माध्यम से हुआ, इसकी पूरी कड़ी की भी जांच हो सकती है।
जांच में नए तथ्य सामने आने पर अन्य संदिग्धों से पूछताछ के साथ नए आरोपियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जा सकता है। किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आने पर उसकी भी पड़ताल संभव है। इसके अलावा दूसरे राज्यों के खरीदारों और कारोबारियों से जुड़े लिंक तथा वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा सकती है।
CBI जांच में इन बिंदुओं पर रह सकता है फोकस
- BSP के स्टॉक, गेट पास और वे-ब्रिज रिकॉर्ड का मिलान
- स्क्रैप की निकासी से बिक्री तक की पूरी कड़ी
- आरोपियों और संदिग्धों से पूछताछ
- बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच
- संयंत्र के अधिकारी-कर्मचारियों की संभावित भूमिका
- अंतरराज्यीय खरीदारों और कारोबारियों के कनेक्शन


