रायपुर, 07 अगस्त| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान ने देशभर में नई चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में असमानता बनी रहेगी, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक रूप से सक्षम वर्गों से अपील की कि वे वंचित और पिछड़े समाज को आगे बढ़ने का अवसर दें।
भागवत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। समर्थकों ने इसे सामाजिक समरसता और समान अवसर का संदेश बताया है, जबकि विपक्ष ने इस पर विभिन्न सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर आया यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को और तेज कर सकता है।


