रायपुर, 23 अगस्त। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें हॉर्मुज को ‘नया अमेरिकी इलाका’ बताया गया। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए हॉर्मुज को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि अमेरिका जब तक अपना रवैया नहीं बदलता और ईरान की शर्तें स्वीकार नहीं करता, तब तक स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने पर सहमति नहीं होगी।
हॉर्मुज पर क्यों है दुनिया की नजर?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खाड़ी क्षेत्र का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां लंबे समय तक तनाव या आवाजाही में रुकावट रहने से कच्चे तेल और ऊर्जा की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। हालिया तनाव के बीच तेल बाजार में भी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
ईरान की ओर से हॉर्मुज को लेकर सख्त रुख ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने हाल में कहा है कि ईरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत तय नहीं है, जबकि तेहरान अपनी शर्तों पर कायम है।
आगे क्या होगा?
ट्रंप के बयान और ईरान की सख्त प्रतिक्रिया के बाद हॉर्मुज को लेकर तनाव कम होने के बजाय बढ़ता नजर आ रहा है। अगर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तो समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना रह सकता है।


