रायपुर, 09 सितम्बर। CM Sai: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शहरों के विकास कार्यों में तेजी लाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। लोगों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा।
38 नगरीय निकायों में बन रहे नालंदा परिसर
प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
14 नगर निगमों में विकसित होगी आधुनिक अधोसंरचना
नगरोत्थान योजना के तहत 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसे कार्य किए जा रहे हैं। वहीं ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर देश में छठे स्थान पर
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नगर निगम और विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और बड़े स्तर पर पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए।
240 ई-बसों से मजबूत होगा सार्वजनिक परिवहन
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी है। इसके लिए जरूरी अधोसंरचना का काम मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
अमृत मिशन की धीमी प्रगति पर CM नाराज
अमृत मिशन 2.0 के कार्यों की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने और शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसटीपी निर्माण में आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता का ध्यान रखने को भी कहा।
800 करोड़ की लागत से 8 निकायों में CBG प्लांट
प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शहरी कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और हर नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को जल्द आवास देने, हेल्पलाइन की शिकायतों का त्वरित समाधान करने और नगरीय निकायों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी विकास योजनाओं का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर साफ दिखाई देना चाहिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


