Chhattisgarh: PM Awas Yojana में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि… आवास मॉडल को मिला राष्ट्रीय सम्मान

Chhattisgarh: PM Awas Yojana में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि… आवास मॉडल को मिला राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर, 05 अक्टूबर। Chhattisgarh: ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के जरिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य की इस पहल को ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में मान्यता दी है।

विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA और नगरीय निकायों की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

राज्य सरकार के मुताबिक, निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू करने से 25,413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के जमीन उपलब्ध हुई है। इनमें पीएम आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत 17,790 और पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 7,623 आवास शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के घर केवल शहरों के बाहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकसित और नियोजित कॉलोनियों का हिस्सा बनेंगे। इससे लाभार्थियों को सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने भी इस सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य ने आवास योजना को केवल घर निर्माण तक सीमित न रखते हुए जमीन की उपलब्धता से लेकर निर्माण और गुणवत्ता की निगरानी तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है।

राज्य सरकार के अनुसार, ईडब्ल्यूएस-एलआईजी के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन से शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विश्व पर्यावास दिवस पर मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ की आवास नीति और पीएम आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन को मिली राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

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