रायपुर, 15 अक्टूबर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक बेहतर और सुलभ बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर बेहतर इलाज, जरूरी दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञों, स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सा उपकरणों और जांच सुविधाओं की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए।
अस्पतालों में दवाइयों और जांच सुविधाओं पर जोर
सीएम साय ने जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव और खराब उपकरणों की समय पर मरम्मत के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। वहीं, 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है और 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवाओं को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, सुरक्षित संस्थागत प्रसव और जच्चा-बच्चा की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने को भी कहा गया। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस की 375 एंबुलेंस और 102 महतारी एक्सप्रेस के 380 वाहन उपलब्ध हैं। जनवरी से अगस्त 2026 तक महतारी एक्सप्रेस सेवा से 2.19 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।
मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा का होगा विस्तार
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में 15 शासकीय मेडिकल कॉलेज, एक एम्स और 6 निजी मेडिकल कॉलेज सहित कुल 22 चिकित्सा संस्थान हैं। इसके अलावा 6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं।
प्रदेश में शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 8 से बढ़कर 17 और फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या एक से बढ़कर 7 हो गई है। वहीं, एलाइड हेल्थ से जुड़े 11 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिनके लिए 10 मेडिकल कॉलेजों में 640 सीटें निर्धारित की गई हैं।
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मिठाई, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमानक या मिलावटी खाद्य पदार्थ मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मुख्य सचिव विकास शील और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और किसी भी नागरिक को चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में परेशानी न हो।


