CG Ration Card: मृत बताकर काटा राशन कार्ड… सबूतों के साथ अकबर का सरकार पर हमला

CG Ration Card: मृत बताकर काटा राशन कार्ड… सबूतों के साथ अकबर का सरकार पर हमला

रायपुर, 19 अक्टूबर। CG Ration Card: छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड निरस्तीकरण को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने रायपुर के सुभाष नगर निवासी साकरा बानो का मामला सामने रखते हुए आरोप लगाया कि जीवित होने के बावजूद महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया, जिसके कारण उनका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त हो गया और वे राशन के अधिकार से वंचित हो गईं।

मोहम्मद अकबर ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज और वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि किसी जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर उसके राशन का अधिकार छीनना गंभीर मामला है। यह केवल रिकॉर्ड में गलती का विषय नहीं, बल्कि गरीब परिवार के खाद्य सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा सवाल है।

निष्पक्ष जांच और राशन कार्ड बहाली की मांग

अकबर ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित महिला का राशन कार्ड तत्काल बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी पात्र परिवार को खाद्य सुरक्षा के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

दो साल में 1.17 लाख से ज्यादा राशन कार्ड निरस्त

मोहम्मद अकबर ने 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में दिए गए एक उत्तर का हवाला देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 के दौरान 57,371 और वर्ष 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए। इस तरह दो वर्षों में कुल 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त हुए।

उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में राशन कार्ड निरस्त करने के पीछे क्या आधार था और क्या प्रत्येक मामले में उचित जांच की गई थी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रभावित परिवारों को इसकी सूचना दी गई और क्या उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिला?

राशन कार्ड निरस्तीकरण के मानदंड स्पष्ट करने की मांग

पूर्व खाद्य मंत्री ने सरकार से राशन कार्ड निरस्तीकरण के मानदंड स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि अलग-अलग मामलों में किन आधारों पर कार्रवाई की जा रही है और पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से वंचित होने से बचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।

इस मामले के सामने आने के बाद राशन कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया, सरकारी रिकॉर्ड की शुद्धता और पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

राज्य खबर