रायपुर, 27 अक्टूबर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में वर्ष 1998 के शिक्षक भर्ती मामले में करीब 28 साल बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर 23 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इस मामले में तत्कालीन शिक्षा विभाग के अधिकारियों और चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
320 पदों पर हुई थी भर्ती
दस्तावेजों के मुताबिक, 25 सितंबर 1998 को तत्कालीन मध्य प्रदेश के समय रायपुर जिले में 320 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस भर्ती में कथित गड़बड़ियों और नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए थे। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को निर्धारित योग्यता और चयन प्रक्रिया के नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाया गया।
जांच के दौरान भर्ती से संबंधित दस्तावेजों, अभ्यर्थियों की पात्रता, अनुभव प्रमाणपत्रों और चयन प्रक्रिया की पड़ताल की गई। आरोपपत्र में तत्कालीन अधिकारियों सहित चयन समिति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया है। करीब तीन दशक पुराने इस मामले में कार्रवाई होने के बाद शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


