नई दिल्ली, 02 नवम्बर। Delhi Rally News: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को हुई INDIA गठबंधन की रैली में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। इस भीड़ के पीछे कांग्रेस की कई दिनों की तैयारी और अलग-अलग राज्यों में बनाई गई रणनीति शामिल थी। पार्टी ने राज्य इकाइयों और नेताओं को समर्थकों को दिल्ली लाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। रैली में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक और जनजातीय संस्कृति की झलक भी पेश की।
जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना में प्रदेश स्तर के नेताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र से करीब 100-100 समर्थकों को दिल्ली लाने का लक्ष्य दिया गया था। वहीं महाराष्ट्र के चंद्रपुर से करीब 500 महिला कांग्रेस कार्यकर्ता रैली में शामिल होने पहुंचीं। कार्यकर्ताओं के आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था भी पहले से की गई थी।
10 लाख लोगों को जुटाने का रखा गया था लक्ष्य
कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने भी रैली के लिए 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया था। INDIA गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने भी आयोजन और भीड़ जुटाने में भागीदारी की।
तेलंगाना से आए एक कांग्रेस कार्यकर्ता के मुताबिक, राज्य के कार्यकर्ताओं के ठहरने की व्यवस्था दिल्ली के वसंत कुंज स्थित होटलों में की गई थी। कई कार्यकर्ता ट्रेन से पहुंचे, जबकि कुछ ने हवाई यात्रा की।
छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने दिखाई जनजातीय संस्कृति की झलक
रैली में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों को भी शामिल किया गया था। कलाकारों ने करीब एक सप्ताह तक अभ्यास किया और अपनी पारंपरिक वेशभूषा के साथ दिल्ली पहुंचे। छत्तीसगढ़ से कलाकारों का समूह लेकर पहुंचे राम नारायण सिंह राठिया के अनुसार, पार्टी पदाधिकारियों ने कलाकारों का चयन किया था।
महाराष्ट्र से पहुंचीं 500 महिला कार्यकर्ता
महाराष्ट्र के चंद्रपुर से करीब 500 महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रेन से दिल्ली पहुंचीं। चंद्रपुर शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष चंदा वरगड़े के मुताबिक, महिलाओं को रैली में शामिल कराने के लिए करीब दो सप्ताह से तैयारी चल रही थी। यह समूह 30 अक्टूबर को ही दिल्ली पहुंच गया था।
19 से अधिक विपक्षी दलों के नेताओं ने निकाला मार्च
रैली से पहले कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक करीब 1.3 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया। दोपहर करीब 12:45 बजे शुरू हुआ यह मार्च मिंटो रोड और कमला मार्केट से होकर गुजरा। इसमें 19 से अधिक विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव, NCP (SP) की सुप्रिया सुले और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेता खुली बसों में सवार हुए। करीब डेढ़ घंटे बाद दोपहर 2:30 बजे मार्च रामलीला मैदान पहुंचा।
SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। विपक्षी दलों ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी हटे हो सकते हैं।
वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को दुरुस्त करने और दोहराव या अपात्र नाम हटाने की प्रक्रिया बताया गया है। आयोग के अनुसार, गलत तरीके से नाम हटने की स्थिति में मतदाता दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
रामलीला मैदान में सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी सवाल उठाए।
रैली में INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं ने एक मंच पर आकर SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर अपनी मांगें रखीं। इस आयोजन के लिए राज्यों में समर्थकों को जुटाने से लेकर कार्यकर्ताओं के ठहरने और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक की व्यापक तैयारी की गई थी।


