नई दिल्ली, 04 नवम्बर। Agniveer Service: केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। अग्निवीरों के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 2026-27 में पूरा होने वाला है। इसी बीच बेहतर प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणी के बयान के बाद इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रस्ताव के अनुसार, बेहतर प्रदर्शन करने वाले उन अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल तक सेना में सेवा का मौका मिल सकता है, जिन्हें नियमित कैडर में तत्काल जगह नहीं मिल पाएगी।
फिलहाल क्या है अग्निपथ योजना का नियम?
मौजूदा व्यवस्था के तहत युवाओं को अग्निपथ योजना के जरिए चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाता है। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा निधि पैकेज के साथ सेना से बाहर हो जाते हैं।
सेना और अग्निवीरों दोनों को हो सकता है फायदा
दो साल का संभावित सेवा विस्तार सेना के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे प्रशिक्षित जवानों के अनुभव और दक्षता का अधिक समय तक लाभ मिल सकेगा। वहीं, अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल तक सेवा करने, वेतन और अन्य सुविधाओं का अवसर मिल सकता है।
जनरल राजा सुब्रमणी ने कहा है कि अग्निपथ योजना में कमांडरों और अग्निवीरों से मिलने वाले जमीनी फीडबैक के आधार पर सुधार किए जा रहे हैं।
हालांकि, दो साल के सेवा विस्तार को लेकर अभी अंतिम नियम और आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में अब सबकी नजर सरकार के अगले फैसले पर है कि अग्निपथ योजना में क्या बदलाव किए जाते हैं और कितने अग्निवीरों को इसका लाभ मिलता है।


