Bastar Dussehra: बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

Bastar Dussehra: बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

रायपुर, 29 सितंबर। Bastar Dussehra: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति की मौजूदगी बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मंच देने का अवसर होगी।

राष्ट्रपति मुर्मु को निमंत्रण पत्र सौंपने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप और संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव मौजूद रहे।

बस्तर की संस्कृति का दिखेगा रंग

मां दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा अपनी अनूठी जनजातीय परंपराओं, लोक आस्था और सामुदायिक सहभागिता के लिए देशभर में पहचान रखता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के दौरान बस्तर दशहरा को जनजातीय संस्कृति और भाईचारे का अनूठा उदाहरण बताया था।

मुरिया दरबार का विशेष महत्व

बस्तर दशहरा की परंपराओं में मुरिया दरबार का विशेष महत्व है। यह बस्तर की सामाजिक और सामुदायिक व्यवस्था की जीवंत अभिव्यक्ति माना जाता है। इस आयोजन के माध्यम से पारंपरिक व्यवस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक प्रमुखों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा आगे बढ़ती है।

बस्तर की सामाजिक व्यवस्था में मांझी और चालकी जैसे पारंपरिक पदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा है, जिसकी पहचान देश-दुनिया में है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की मौजूदगी बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए विशेष अवसर होगा।

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