रायपुर, 09 अक्टूबर। CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने संयुक्त खातों में दर्ज सभी सह-खातेदार किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य करने का आदेश वापस ले लिया है। अब संयुक्त खाते से धान बेचने के लिए केवल लंबरदार किसान का एग्रीस्टैक पंजीयन जरूरी होगा।
पुराने आदेश में क्या हुआ बदलाव?
5 अक्टूबर को जारी नए आदेश के अनुसार, संयुक्त खाते में शामिल प्रत्येक किसान को अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इससे उन किसान परिवारों को राहत मिलेगी, जिनकी जमीन संयुक्त खाते में दर्ज है और जिनके सभी सदस्यों का पंजीयन कराने में परेशानी हो रही थी।
क्यों बदलना पड़ा नियम?
दरअसल, 24 जून को जारी आदेश में संयुक्त खातों में शामिल सभी किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया था। इसका उद्देश्य किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना था। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आईं।
जिन परिवारों की जमीन में कई सह-खातेदार दर्ज हैं, उन्हें सभी सदस्यों का पंजीयन कराने में परेशानी हो रही थी। कई मामलों में परिवार के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर रहते हैं, जिससे पंजीयन की प्रक्रिया और मुश्किल हो जाती थी। किसान संगठनों ने भी इस समस्या को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था।
धान बेचने के लिए अब क्या जरूरी?
नए आदेश के बाद संयुक्त खाते से समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए लंबरदार किसान का एग्रीस्टैक पंजीयन जरूरी होगा। अन्य सह-खातेदारों के लिए अलग से पंजीयन की अनिवार्यता हटा दी गई है।
सरकार के इस फैसले से धान खरीदी से पहले किसानों को होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है। किसानों को सलाह दी गई है कि धान बेचने से जुड़ी अन्य जरूरी औपचारिकताओं की जानकारी अपने संबंधित सहकारी समिति से प्राप्त करें।


