Chhattisgarh: आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची ट्रेन… महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ ने रचा इतिहास

Chhattisgarh: आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची ट्रेन… महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ ने रचा इतिहास

रायपुर, 22 अक्टूबर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के जिस इलाके में आजादी के बाद लोगों ने कभी ट्रेन नहीं देखी थी, वहां अब रेलगाड़ी पहुंच गई है। ताड़ोकी–रावघाट ब्रॉडगेज रेल लाइन के उद्घाटन के साथ ही रावघाट तक रेल सेवा शुरू हो गई। इस ऐतिहासिक मौके पर महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ ट्रेन लेकर रावघाट पहुंचीं। उनके लिए भी यह सफर बेहद खास और यादगार रहा।

महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ के नाम खास उपलब्धि

भिलाई की रहने वालीं प्रतिभा बंसोड़ बिलासपुर रेल मंडल की पहली महिला लोको पायलट हैं। उद्घाटन के बाद उन्हें पहली ट्रेन लेकर रावघाट पहुंचने का अवसर मिला। प्रतिभा ने बताया कि इस क्षेत्र के लोगों ने पहले कभी ट्रेन नहीं देखी थी। ऐसे में पहली बार रेलगाड़ी लेकर यहां पहुंचना उनके लिए गर्व और खुशी का पल है। उन्होंने इस अवसर के लिए रेलवे अधिकारियों का आभार जताया।

प्रतिभा अब तक तीन नई ट्रेनों का संचालन कर चुकी हैं। रावघाट तक ट्रेन पहुंचाना उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।

सप्ताह में छह दिन चलेगी मेमू ट्रेन

ताड़ोकी–रावघाट रेल लाइन पर सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। सप्ताह में छह दिन मेमू ट्रेन चलने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार के सिलसिले में दूसरे शहरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इससे क्षेत्र के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

1,628 करोड़ रुपये की रेल परियोजना

दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इस परियोजना पर 1,628 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर हिस्से पर रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

रेल संपर्क बढ़ने से रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क की ढुलाई में तेजी आने और भिलाई इस्पात संयंत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह रेल परियोजना स्थानीय लोगों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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