कांकेर, 13 अक्टूबर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। अंतागढ़ थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कानागांव में ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर सूचना बोर्ड लगाकर पादरियों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे धर्मांतरण की गतिविधियों के विरोध में हैं और अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक व्यवस्था को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को गांव में सेक्टर स्तरीय गायता जोहारनी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर यह बोर्ड लगाया। ग्रामीणों ने इस कदम के पीछे धर्मांतरण का विरोध और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा को वजह बताया है।
मुंगवाल के बाद कानागांव में भी लगा बोर्ड
कांकेर जिले में इस तरह के बोर्ड लगाए जाने का सिलसिला भानुप्रतापपुर क्षेत्र के मुंगवाल गांव से शुरू हुआ था। वहां बोर्ड लगाए जाने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना। अब कानागांव में भी ऐसा बोर्ड लगाए जाने से धर्मांतरण को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
ग्रामीण अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों को बचाने की बात कह रहे हैं। हालांकि, कानागांव में लगाए गए बोर्ड और पादरियों के प्रवेश पर रोक से जुड़े मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।


