नई दिल्ली, 24 जुलाई। CJP Protest: जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन 35वें दिन भी जारी है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों और CJP के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हो सकती है। वहीं, सोनम वांगचुक ने सरकार से तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों का अनशन खत्म कर दिया है। हालांकि, CJP ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे CJP के प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्रियों के बीच बैठक हो सकती है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के नेताओं से मुलाकात की थी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के स्थान को लेकर भी कुछ मतभेद सामने आए थे।
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने तीन मांगों पर लिखित आश्वासन दिया है। इसके तहत जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई FIR या कार्रवाई नहीं होगी। कथित पेपर लीक मामले से जुड़े मृत छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था व परीक्षा सुधारों पर संसद में विस्तृत चर्चा होगी।
हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है। वांगचुक ने कहा कि उनके लिए छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सबसे महत्वपूर्ण है।
वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन को केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि सरकार के लिखित आश्वासनों को लागू किए जाने से मतलब है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर राजीव चौक और लोक कल्याण मार्ग समेत 17 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। संसद मार्ग पर देर रात हुए हंगामे के बाद पुलिस ने सुरक्षा और बढ़ा दी है।
CJP ने शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है। जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और निहंग सिखों का जत्था भी आंदोलन के समर्थन में पहुंचा है।


