Delhi Rally: INDIA गठबंधन की महारैली को पुलिस की सशर्त मंजूरी… 3500 जवान संभालेंगे सुरक्षा

Delhi Rally: INDIA गठबंधन की महारैली को पुलिस की सशर्त मंजूरी… 3500 जवान संभालेंगे सुरक्षा

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। Delhi Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को दिल्ली पुलिस ने सशर्त मंजूरी दे दी है। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली की अनुमति रद्द नहीं की गई है, लेकिन आयोजकों को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी निर्देशों का पालन करना होगा।

पुलिस के मुताबिक, रैली का आयोजन शाम 5 बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके बाद कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, रैली से पहले या बाद में रामलीला मैदान में रात बिताने पर रोक रहेगी। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

भड़काऊ भाषण पर सख्त निर्देश

दिल्ली पुलिस ने रैली के दौरान जाति या धर्म के आधार पर तनाव फैलाने वाले और भड़काऊ भाषणों पर रोक लगाई है। यदि कोई वक्ता नियमों का उल्लंघन करता है, तो आयोजकों को उसका माइक बंद कर उसे मंच से हटाना होगा।

इसके अलावा, रामलीला मैदान से बाहर किसी अन्य स्थान की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। रैली में शामिल होने वाली बसों और अन्य वाहनों को ट्रैफिक पुलिस की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा करना होगा।

आयोजकों को आमंत्रित लोगों और स्वयंसेवकों की सूची, कार्यक्रम का मिनट-दर-मिनट विवरण, बसों की संख्या और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर भी पुलिस को देने होंगे।

CCTV कैमरे और कंट्रोल रूम बनाना जरूरी

रैली की सुरक्षा के लिए मैदान के प्रवेश और निकास द्वार, मंच तथा दर्शकों के बैठने वाले स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने अनिवार्य किए गए हैं। निगरानी के लिए कम से कम पांच मॉनिटर वाला कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।

आयोजकों को पीने के पानी और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। महिलाओं के लिए अलग शौचालय ब्लॉक बनाना भी जरूरी होगा। वहीं, स्वयंसेवकों की पहचान के लिए एक जैसी पोशाक या पहचान बैज की व्यवस्था करनी होगी।

14 जोन में बंटेगा सुरक्षा क्षेत्र

रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रामलीला मैदान और आसपास के इलाके को 14 जोन में बांटने की योजना है। सुरक्षा के लिए करीब 3,500 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।

प्रत्येक जोन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे, ताकि किसी भी हंगामे या उपद्रव की स्थिति में घटनाओं को रिकॉर्ड किया जा सके।

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