दिल्ली, 30 सितंबर। Delhi Student Protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। बारिश के बीच नॉर्थ कैंपस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे। फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के बाहर हुए प्रदर्शन में छात्राओं ने पोस्टर दिखाए और सुरक्षा की मांग को लेकर नारे लगाए। इसी दौरान “एक कचौड़ी, दो समोसा… इन मर्दों का क्या भरोसा” वाला नारा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
छात्राओं ने कॉलेज, हॉस्टल, पीजी और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने सड़कों पर बेहतर लाइटिंग, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की बात कही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिलाओं की आवाजाही पर रोक लगाने के बजाय सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन
बारिश के बावजूद छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहा। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा को लेकर यह तीसरा और सबसे बड़ा प्रदर्शन था।
इससे पहले लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, मिरांडा हाउस और कमला नेहरू कॉलेज से जुड़े छात्र-छात्राओं ने भी मार्च निकाले थे। इन प्रदर्शनों में “हम औरतें आजाद हैं” और “क्यूट नहीं, क्रांति है हम” जैसे नारे लगाए गए।
छात्रों ने डीटीसी और शटल बसों की बेहतर सुविधा, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक शौचालयों और कॉलेजों व हॉस्टलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
किस घटना के बाद हुआ प्रदर्शन?
इस प्रदर्शन की वजह दक्षिण दिल्ली के कालकाजी इलाके के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला है। पुलिस के अनुसार, किशोरी अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे। आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें डराया और किशोरी को अलग ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना के बाद पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। रिपोर्टों में खराब रोशनी, सीसीटीवी की कमी, टूटी बाउंड्री और बिना निगरानी वाले गेट जैसी खामियों का जिक्र किया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए नारे
प्रदर्शन के दौरान लगाए गए कई नारे सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए। “एक कचौड़ी, दो समोसा… इन मर्दों का क्या भरोसा” के अलावा “नहीं किसी के बाप की, नारी अपने आप की” जैसे नारों के वीडियो भी शेयर किए गए।
इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तुकबंदी वाले नारों के साथ प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने प्रदर्शन के नारों का समर्थन किया, जबकि कुछ ने अलग राय रखी।
छात्राओं का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनकी आवाजाही पर रोक लगाने के बजाय सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना जरूरी है। इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली में महिला सुरक्षा और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


