दुर्ग, 09 सितम्बर। Durg: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. संजय तिवारी के खिलाफ की गई वित्तीय, प्रशासनिक और मूल्यांकन संबंधी शिकायतों की जांच अब तेज हो गई है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से दस्तावेज उपलब्ध कराने की तय समय-सीमा खत्म होने के बाद जांच समिति खुद विश्वविद्यालय पहुंची है।
समिति ने विश्वविद्यालय में संबंधित नस्तियों, नोटशीट और अन्य दस्तावेजों की मौके पर जांच शुरू कर दी है। जांच समिति के विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है।
कुलपति के खिलाफ शिकायत दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ललित चंद्राकर ने राज्यपाल के समक्ष की थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने 30 जुलाई को उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की थी।
इसके बाद राज्यपाल सचिवालय ने 19 अगस्त को पत्र जारी कर जांच से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। दस्तावेज जमा करने के लिए पहले 24 अगस्त तक की समय-सीमा तय की गई थी। कुलपति के अनुरोध पर इसे 31 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की गई थी।
अब समय-सीमा बीतने के बाद समिति ने विश्वविद्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
कई मामलों में लगाए गए हैं आरोप
शिकायत में उत्तरपुस्तिकाओं की खरीदी, निजी फर्म को काम देने, नए पाठ्यक्रमों की मान्यता, किताबों की खरीदी और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति सहित कई मामलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इसके अलावा वित्तीय फैसलों में कार्यपरिषद की मंजूरी से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


