नई दिल्ली, 18 सितम्बर। Hindi Fortnight: लेडी इर्विन महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में आयोजित हिंदी पखवाड़े का समापन 15 सितंबर 2026 को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के साथ हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, महाविद्यालय गीत और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुई। निदेशक नीलिमा अस्थाना ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और उसके संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी पहचान और संवेदना है तथा करोड़ों लोगों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस अवसर पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के हिंदी दिवस और हिंदी माह से संबंधित संदेश का वाचन भी किया।
इसके बाद डॉ. दिवाकर दुबे ने हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित नारा लेखन, कविता लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के साथ शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी उत्साह से भाग लिया। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि और निदेशक ने पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान किए। नारा लेखन और कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों ने अपनी रचनाएं भी प्रस्तुत कीं।
‘राजभाषा हिंदी: प्रयोग से प्रभाव तक’ पर कार्यशाला
कार्यक्रम के अंतिम चरण में ‘राजभाषा हिंदी: प्रयोग से प्रभाव तक’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की सहायक निदेशक रेखा सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यालयीन और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के सरल, सहज और प्रभावी प्रयोग के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हिंदी का हृदय व्यापक है और यह दूसरी भाषाओं के शब्दों को भी अपनाती रही है। उन्होंने हिंदी का सम्मान करने के साथ-साथ अन्य भाषाओं के सम्मान पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की ओर से अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की निदेशक नीलिमा अस्थाना, मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो. सुधा सिंह, उप-प्राचार्या, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


