पटना, 26 अक्टूबर। Kharge Controversy: बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने खरगे के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरगे का बचाव किया है।
साय ने खरगे से सार्वजनिक माफी की मांग की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खरगे की टिप्पणी को शर्मनाक और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इसके लिए किसी के दिवंगत परिजनों को निशाना बनाना भारतीय संस्कारों और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। साय ने खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि जनता इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
स्मृति ईरानी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने भी खरगे के बयान की आलोचना की। उन्होंने इसे कांग्रेस के राजनीतिक दिवालियेपन का प्रमाण बताया। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस सरकार की नीतियों और मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रही है।
भूपेश बघेल ने किया खरगे का बचाव
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरगे के बयान का बचाव किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस टिप्पणी में अपमानजनक क्या है। बघेल के अनुसार, भाषण के दौरान किसी के नारे लगाने पर खरगे ने प्रतिक्रिया के तौर पर यह बात कही थी। कांग्रेस की ओर से भी बीजेपी पर प्रधानमंत्री की भाषा को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
25 अक्टूबर के कार्यक्रम से जुड़ा है विवाद
यह पूरा विवाद 25 अक्टूबर को पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे के संबोधन से जुड़ा है। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने भी इस बयान की आलोचना की है। बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।


